Home Moral Stories In Hindi जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In...

जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi

0
जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life's perspective In Hindi

जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi – यह कहानी दो बचपन के दोस्तों और उनके जीवन के परिप्रेक्ष्य पर आधारित है।
यह एक वास्तविक कहानी है जो आपको खुश रहने का तरीका सिखा सकती है। इस वेबसाइट में पूरी कहानी पढ़ें। यहां से नैतिक विचार सीखें और अपने दोस्तों को भी साझा करें क्योंकि साझा करना देखभाल है। मुझे आशा है कि आप इस कहानी को समझेंगे। आपकी दृढ़ता के लिए मैंने सभी प्रकार की छवियों, ऑडियो के साथ-साथ वीडियो का भी उल्लेख किया ताकि आप इस व्हिइ रीडइंड का आनंद ले सकें। आइए हम शुरुआत करते हैं जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi

कहानी का नामजिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi
कहानी के पात्रअभिषेक और अर्जुन

जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी के पात्र: Story characters of life’s perspective

अभिषेक
नामअभिषेक
रंगगोरा रंग
आयु25 साल
अर्जुन
नामअर्जुन
रंगगोरा रंग
आयु25 साल

अभिषेक और अजिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi

र्जुन बचपन के जिगरी दोस्त थे| लेकिन काम में व्यस्त होने के कारण दोनों ज्यादा नहीं मिल पाते थे| अभिषेक पढ़ लिखकर एक बैंक में अच्छे पद पर नौकरी कर रहा था लेकिन फिर भी वह अपने काम से खुश नहीं था| दूसरी और अर्जुन एक फोटोग्राफर बन गया था|

इसे भी पढ़ें – घमंडी मुर्गे की कहानी: Boastful Hen Story In Hindi

क्योंकि उसे बचपन से ही फोटोग्राफी का शौक था| और वह अपनी जिंदगी से बहुत खुश था| एक दिन अभिषेक, अर्जुन के घर खाने पर गया| अभिषेक ने अर्जुन से कहा यार, मैंने नौकरी करके गलती कर दी| मुझे भी तेरी तरह फोटोग्राफर ही बनना चाहिए था| कम से कम मैं तेरी तरह जिंदगी में खुश तो रह पाता| आज मेरे पास सब कुछ है लेकिन खुशी नहीं है|

यह सुनकर अर्जुन बोला, देखो भाई, अगर तुम्हें फोटोग्राफी इतनी ही पसंद है तो फोटोग्राफर बन जाओ इसमें कौन सी बड़ी बात है| अभिषेक बोला, यार फोटोग्राफी तो मुझे हमेशा से ही पसंद थी लेकिन अब ज्यादा पसंद आती है क्योंकि मेरे काम में वह मजा नहीं है जो तुम्हारे काम में है| अगर मैं फोटोग्राफी शुरु कर दूंगा तो मैं भी तुम्हारी तरह खुश रहूंगा| तब तो तुम एक काम और करना| मुझे करेले भी बहुत पसंद है और मैं दिन में दो बार करेले खाता हूं| इसीलिए मैं इतना खुश नजर आता हूं| अभिषेक हंसने लगा|

अर्जुन बोला:- खुशी किसी काम से नहीं बल्कि अपने अंदर से आती है| सब कुछ मिलने के बाद भी हम दुखी रह सकते हैं या फिर कुछ नहीं मिलने पर भी खुश रह सकते हैं| यह सब हमारी जिंदगी को देखने का नजरिया है|

कहानी से शिक्षा Moral of the Story [जिंदगी को देखने का नजरिया की कहानी: Story of life’s perspective In Hindi]

  • आप केवल अपने काम या किसी और चीज से ही अपने अंदर खुश रह सकते हैं।
  • छोटी-छोटी चीजों में खुशी पाएं

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version