चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi

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चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi
चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi


यह नैतिक कहानी एक चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi पर आधारित है। यह एक चतुर लोमड़ी नैतिक कहानी हिंदी में यहीं पढ़ें और लोमड़ी से चतुराई सीखें. यहाँ कहानी के चरित्र मौजूद हैं और उनकी अधिक जानकारी। आपकी बेहतर समझ के लिए हमने कुछ चित्र, वीडियो के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी है।

कहानी का नामचतुर फॉक्स और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi
कहानी के पात्रलोमड़ी और कौवा

कहानी के पात्र चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi

  • चित्रों के साथ चरित्र चित्र का आनंद लें और अपनी कल्पना में सुधार करें।
  • इसलिए, इस कहानी का पहला चरित्र लोमड़ी है।
चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi
fox – लोमड़ी
नामलोमड़ी
रंगभूरा
चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi
crow – कौवा
नामकौवा
रंगकाला

चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवा: Clever Fox & Foolish Crow Moral Story In Hindi

एक लोमड़ी बहुत भूखी थी. वह अपनी भूख मिटने के लिए भोजन की खोज में इधर – उधर घूमने लगी. जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला तो वह गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गई. अचानक उसकी नजर ऊपर गई. पेड़ पर एक कौआ बैठा हुआ था. उसके मुंह में रोटी का एक टुकड़ा था.

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कौवे को देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया. वह कौवे से रोटी छीनने का उपाय सोचने लगी. तभी उसने कौवे को कहा, ” क्यों भई कौआ भैया ! सुना है तुम गीत बहुत अच्छे गाते हो. क्या मुझे गीत नहीं सुनाओगे ?. कौआ अपनी प्रशंसा को सुनकर बहुत खुश हुआ. वह लोमड़ी की बातो में आ गया. गाना गाने के लिए उसने जैसे ही अपना मुँह खोला, रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया. लोमड़ी झट से भाग गई वह टुकड़ा उठा कर. अब कौआ अपनी मूर्खता पर पछताने लगा.

कहानी से शिक्षा Moral of the Story

इस कहानी से शिक्षा :

  • यह छोटी कहानी हमें स्पष्ट सन्देश देती है की – कभी भी हो अपनी झूठी प्रशंसा से हमें बचना चाहिए. कई बार हमारी जिंदगी में हमें कई ऐसे लोग मिलते है जो हमसे अपना जरूरी काम निकालने के लिए हमारी झूठी तारीफ़ करते है. एक बार जब वे हमसे अपना काम निकाल लेते है तो उसके बाद फिर हमें पूछते भी नहीं. इसलिए हमेशा झूठी प्रसंशा से बचे.

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नकली लोगों से दूर रहें।

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