धैर्य का लाभ की कहानी: Benefit of patience Moral Story In Hindi

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धैर्य का लाभ की कहानी
धैर्य का लाभ की कहानी

इस लेख में आप यह पड़ेंगे की राजा ने अपने निजी सहायक को पसंद करने के लिए क्या किया और मैं आशा करता हूं यह कहानी आपको पसंद आएगी और इस कहानी का शीर्षक भी आपको पसंद आया होगा जो कि धैर्य का लाभ की कहानी: Benefit of patience Moral Story In Hindi है। इस कहानी में एक  सीख है जो कि आपकी जिंदगी में बहुत बार काम आएगी चाहे आप कितने भी बड़े आदमी बन जाए|  तो इसी को इस कहानी के माध्यम से सीखिए और अपनी जिंदगी में इसको उतारिए।

धैर्य का लाभ की कहानी: Benefit of patience Moral Story In Hindi

एक बार एक राजा अपना निजी सहायक नियुक्त करना चाहता था। इस वजह से महल में उम्मीदवारों की भारी भीड़ जमा हो गई। राजा सभी उम्मीदवारों की परीक्षा लेने के लिए उन्हें एक तालाब पर ले गया और बोला, जो कोई इस बर्तन को तालाब के पानी से भर देगा, मैं उसी को अपना निजी सहायक नियुक्त करूंगा। लेकिन हाँ, मैं आप सबको यह अवश्य बताना चाहूँगा कि इस बर्तन में एक छेद है। कुछ लोग तो कोशिश किए बिना ही वहाँ से चले गए।

कुछ लोग कोशिश करने के बाद वहाँ से चले गए। लेकिन एक व्यक्ति धैर्यपूर्वक बर्तन में पानी भरने की कोशिश में लगा रहा। उसने बर्तन में पानी भरा और उसे जमीन पर हल्का -सा गाड़ कर रख दिया। लेकिन कुछ ही देर में पूरा पानी जमीन पर फैल गया। इसी तरह कोशिश करते-करते अन्ततः तालाब खाली हो गया। उस व्यक्ति को खाली तालाब से एक हीरे की अंगूठी मिली। उसने अंगूठी राजा को दे दी। राजा उसकी ईमानदारी पर प्रसन्न होते हुए बोला,

यह अंगूठी तुम ही रख लो। यह तुम्हारे धैर्य एवं परिश्रम का इनाम है। और आज से तुम मेरे निजी सहायक हो। किसी ने ठीक ही कहा है कि धैर्य का फल मीठा होता है।

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कहानी से शिक्षा Moral of the Story

  • धैर्य का फल मीठा होता है।
  • अपना काम करते रहें फल की चिंता ना करें।

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